संस्थेविषयी माहिती
सोलापूर बाजार समितीची स्थापना
मुंबईचा शेती उत्पन्न बाजाराबाबतचा अधिनियम १९३९ व त्याखालील नियम १९४७ नुसार त्यावेळचे मुंबई सरकारने नंबर एपीएम-२७ दिनांक १२/८/१९५९ च्या नोटीफिकेशन अन्वये उत्तर सोलापूर व दक्षिण सोलापूर तालुक्यास मार्केट क्षेत्र लागू केले. त्यानुसार सोलापूर बाजार समितीची स्थापना दिनांक १२/८/१९५९ रोजी झाली. त्यानंतर त्यावेळचे मुंबई सरकारने पीएमसी /१०६०-३०६९० जी (२) दिनांक ६/१०/१९६० च्या नोटीफिकेशन अन्वये पहिल्या शासन नियुक्त बाजार समितीची नियुक्ती केली. सोलापूर बाजार समितीचे प्रत्यक्ष कामकाजास अक्षय तृतीया, बसवजयंती, शिवजयंतीच्या शुभ मुहूर्तावर दिनांक १७/४/१९६१ पासून सुरुवात झाली. सध्या महाराष्ट्र कृषि उत्पन्न खरेदी-विक्री (विकास व विनियमन) अधिनियम १९६३ व महाराष्ट्र कृषि उत्पन्न खरेदी विक्री (विकास व विनियमन) नियम १९६७ नुसार सोलापूर बाजार समितीचे कामकाज चालू आहे.
बाजारक्षेत्र व भौगोलिक माहिती
सोलापूर बाजार समितीचे कार्यक्षेत्र उत्तर सोलापूर व दक्षिण सोलापूर तालुका या दोन तालुक्याचे आहे. बाजार क्षेत्रात सोलापूर शहर व उत्तर सोलापूर तालुक्यात ४१ व दक्षिण सोलापूर तालुक्यात ९० असे एकूण १३१ गावे आहेत. सन २०११ च्या जनगणनेप्रमाणे सोलापूर शहराची लोकसंख्या ९५१११८, उत्तर सोलापूर तालुक्याची लोकसंख्या १०५११४ , दक्षिण सोलापूर तालुक्याची लोकसंख्या २६००४६ अशी बाजार क्षेत्रातील एकूण लोकसंख्या १३१६२७८ आहे. बाजार क्षेत्राचे एकूण क्षेत्रफळ १९४१/६० चौ. कि.मी. इतके असून त्यात सोलापूर शहराचे १७८/५७ चौ. कि. मी. व उत्तर सोलापूर तालुक्याचे ५६७/७३ चौ.कि.मी.व दक्षिण सोलापूर तालुक्याचे ११९५/३० चौ.कि.मी.इतके आहे. सोलापूर बाजार समितीचे कार्यक्षेत्रातील उत्तर सोलापूर तालुक्याचे एकूण भौगोलिक क्षेत्र ६८३०३ हेक्टर व दक्षिण सोलापूर तालुक्याचे ११९४६३ हेक्टर असे एकूण १८७७६६ हेक्टर इतके क्षेत्र आहे. बाजार समितीच्या कार्यक्षेत्रात खरीप हंगामात जिरायती क्षेत्रात प्रामुख्याने बाजरी, तूर, मका व रब्बी हंगामात प्रामुख्याने ज्वारी, गहू, हरभरा, करडी, इत्यादी पीके घेतली जातात व बागायती क्षेत्रात प्रामुख्याने ऊस, द्राक्षे,डाळीब व इतर फळे व भाजीपाला इत्यादी पीके घेतली जातात.सोलापूरचे सन २०२४-२०२५ चे किमान तापमान १४/० सेल्सिअस व कमाल तापमान ४५/०० सेल्सिअस आहे. सोलापूरचे सरासरी पर्जन्यमान ५४१/०० मि. मि. आहे.
नियंत्रित शेतीमाल
सोलापूर कृषि उत्पन्न बाजार समितीने सन १९६१ या वर्षी सुरुवातीस १८ शेतीमालाचे व्यवहार नियंत्रित केले होते. सध्या बाजार समितीचे नियंत्रणाखाली ६९ शेतीमालाचे व्यवहार आहेत.
फळे व भाजीपाला
| अ.क्र. | नांव | अ.क्र. | नांव | अ.क्र. | नांव | अ.क्र. | नांव |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | कांदा | 18 | कोबी | 35 | पपई | 52 | राजगीरा |
| 2 | लसूण | 19 | रताळी | 36 | चिक्कू | 53 | अंबाडी |
| 3 | चिंच | 20 | कारले | 37 | खरबूज | 54 | पालक |
| 4 | केळी | 21 | पेरू | 38 | कलिंगड | 55 | आंबा हापूस पेटी |
| 5 | ओली शेंग | 22 | बटाटा | 39 | बोरे | 56 | आंबे साधा पेटी |
| 6 | सिताफळ | 23 | तोंडले | 40 | आंबे | 57 | रेशीम कोष |
| 7 | वांगे | 24 | लिंबू | 41 | आंबे केशर | 58 | ड्रॅगन |
| 8 | टोमॅटो | 25 | आले | 42 | अननस | 59 | जांभूळ |
| 9 | हिरवी मिरची | 26 | नवलकोल | 43 | दुधी भोपळा | 60 | कच्चा खजूर |
| 10 | ढब्बू मिरची | 27 | फ्लॉवर | 44 | काशी भोपळा | 61 | किव्ही |
| 11 | दोडके | 28 | मुळा | 45 | द्राक्षे पेटी | 62 | आलू बुखार |
| 12 | काकडी | 29 | शेवगा शेंगा | 46 | पाने कवळीस | 63 | काळी मैना |
| 13 | मु. शेंगा | 30 | पडवळ | 47 | कोथिंबीर | 64 | बीट |
| 14 | गवारी | 31 | मका कणीस | 48 | मेथी | 65 | मोसंबी |
| 15 | भेंडी | 32 | कैरी | 49 | शेपू | 66 | सफरचंद |
| 16 | गाजर | 33 | पेर | 50 | चुका | 67 | संत्रा |
| 17 | घेवडा | 34 | डाळिंब | 51 | कांदा पात | 68 | बिन्स |
भुसार
| अ.क्र. | नांव | अ.क्र. | नांव | अ.क्र. | नांव | अ.क्र. | नांव |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | साळ | 11 | मटकी | 21 | हळद | 31 | मेथी |
| 2 | तांदूळ | 12 | शेंग | 22 | गुळ | 32 | चिंचोका |
| 3 | गहू | 13 | शेंगदाणा | 23 | कापूस | 33 | ज्वारी वसंत |
| 4 | जोड | 14 | करडी | 24 | सुर्यफूल बी | 34 | ज्वारी हायब्रीड |
| 5 | ज्वारी | 15 | जवस | 25 | वरई | 35 | सोयाबीन |
| 6 | बाजरी | 16 | कारळ | 26 | सावा | 36 | ज्वारी जुट |
| 7 | मका | 17 | तिळ | 27 | चवळी | 37 | रेशीम कोष |
| 8 | हरभरा | 18 | मिरची | 28 | वाटाणा | ||
| 9 | तूर | 19 | धने | 29 | अंबाडी | ||
| 10 | मुग | 20 | हळद | 30 | एरंडी |
